- यह ब्लॉग पत्रिका रचनाकार विद्यार्थियों की कलम से निकली नवांकुरित रचनाओं का एक संकलन है।
- इस ब्लॉग पत्रिका का आरंभ विद्यार्थियों को रचनात्मक लेखन हेतु मंच प्रदान करने, उनका उत्साहवर्धन करने तथा उन्हें मार्गदर्शन प्रदान करने के उद्देश्य से किया गया है।
- यह पूर्णतया अव्यावसायिक है तथा इसमें किसी भी तरह के विज्ञापन नहीं लगाए जाते हैं।
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मेघ
हे मेघ बस एक बार तुम जमकर बरस जाओ। तुम्हारी गड़गड़ाहट सुनने के लिए तरसे हैं सब ना जाने आखिर दर्शन दोगे तुम कब अब तो हमारे ऊपर तुम जल बरसाओ...
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बचपन जीवन का बहुत ही महत्त्वपूर्ण और यादगार समय होता है। बचपन के दिन खुशियों से भरे होते हैं। मैं बचपन में पूरे दिन मौज-मस्ती ही करती थी। हम...
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बचपन के दिन बहुत रोमांचक और मजेदार होते हैं। अपने बचपन में मैंने कई यादगार काम किए जो बड़े होने पर बस एक याद बनकर रह गए। जब मैं पैदा हुआ तब ...
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तू ही है सबसे प्यारी तू ही है सबकी दुलारी, करती हूं मैं तुझसे प्यार मुझमें है तेरे संस्कार। तू ही है मेरी आस्था तेरे बिना जग लगता न कुछ...
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